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मरीजों के लिए डॉक्‍टर की तरह मोबाइल भी बना अब जान बचाने वाला भगवान

Written by yogesh kumar

अक्‍सर हम स्‍मार्टफोन को स्‍वास्‍थ्‍य खराब होने का जिम्‍मेदार ठहराते हैं, लेकिन दिल के मरीजों पर इस डिवाइस का सकारात्‍मक प्रभाव भी पड़ता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक साधारण एप निर्धारित अवधि के लिए इन रोगियों को अपनी दवा लेने में मदद करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है, जिससे समय से पहले मौत के खतरे को कम किया जा सकता है।

मरीजों के लिए डॉक्‍टर की तरह मोबाइल भी बना अब जान बचाने वाला भगवान

एक बार दिल का दौरा पड़ने के बाद मरीजों को फ‍िर से इसे रोकने के लिए दवाइयां दी जाती हैं। हालांकि, अस्‍पताल से छुट्टी के बाद पहले 30 दिनों में चार में से एक मरीज कम से कम एक दवा को लेना बंद कर देता है। इससे दिक्‍कतें पैदा होने के चलते फ‍िर से अस्‍पताल में भर्ती होने की संभावना और समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है। वर्तमान में इसके पालन में सुधार के लिए कोई सरल और लागत प्रभावी रणनी‍ति नहीं है।

ब्‍यूनस आयर्स में आयोजित 45वीं अर्जेंटीना कांग्रेस ऑफ कार्डियोलॉजी (एसएसी 2019) में किए गए एक अध्‍ययन से पता चला है कि स्‍मार्टफोन एप रिमाइंडर का उपयोग करने वाले हृदय रोगियों को लिखित निर्देश प्राप्‍त करने वाले रोगियों की तुलना में उनकी दवा लेने की अधिक संभावनाएं होती हैं। ब्‍यूनस आयर्स के कार्डियोवास्‍कुलर इंस्‍टीट्यूट के लेखक क्रिस्टियन एम गार्मेडिया ने कहा कि हमने अनुमान लगाया है कि एप से इसका पालन 30 प्रतिशत बढ़ेगा लेकिन प्रभाव इससे भी कहीं अधिक रहा।

यह सॉफ्टवेयर बदल देगा फोन को पोर्टेबल एआर डिवाइस में

शोधकर्ताओं ने एक नया सॉफ्टवेयर सिस्‍टम विकसित किया है। यह स्‍मार्टफोन को ऑगमेंटेड रियल्‍टी (एआर) पोर्टल में बदल देता है, जिससे यूजर्स वर्चुअल बिल्डिंग ब्‍लॉक्‍स, फर्नीचर और अन्‍य ऑब्‍जेक्‍ट्स को रियल-वर्ल्‍ड बैकड्रॉप में रखने में सक्षम होते हैं और अपने हाथों का इस्‍तेमाल कर उन ऑब्‍जेक्‍ट्स को इधर-उधर कर सकते हैं, जैसे कि वह वास्‍तव में वहां मौजूद हो।

ब्राउन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि पोर्टल-बेल नाम का नया सिस्‍टम कलाकारों, डिजाइनरों, खेल डेवलपर्स और अन्‍य लोगों को एआर के साथ प्रयोग करने के लिए एक टूल के तौर पर काम कर सकता है।

ब्राउन में कम्‍प्‍यूटर विज्ञान के सहायक प्रोफेसर जेफ हुआंग ने कहा कि हम कुछ ऐसा बनाना चाहते थे, जो एआर को पोर्टेबल बना दे ताकि लोग उसे बिना किसी भारी हेडसेट्स के आसानी से कहीं भी ले जा सकें। हम यह भी चाहते थे कि लोग वर्चुअल दुनिया से प्राकृतिक रूप से अपने हाथों का इस्‍तेमाल करते हुए इंट्रैक्‍ट करें।

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